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इंदौर में अवैध शराब का नेटवर्क बेनकाब? साढ़े पांच महीने में 3 हजार केस, 74 वाहन जब्त

 

दोपहिया वाहनों से बड़े पैमाने पर परिवहन के आंकड़े; कार्रवाई के


बावजूद सप्लाई चैन पर सवाल


इंदौर। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई के आंकड़े सामने आए हैं। वित्तीय वर्ष के शुरुआती करीब साढ़े पांच महीनों में 3,000 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान अब तक 74 वाहन जब्त किए गए, जिनमें बड़ी संख्या दोपहिया वाहनों की बताई जा रही है।


आंकड़े एक तरफ विभाग की कार्रवाई का पैमाना बताते हैं, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल भी खड़ा करते हैं कि लगातार कार्रवाई के बावजूद अवैध शराब का परिवहन पूरी तरह क्यों नहीं रुक पा रहा है। खास तौर पर दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल सामने आना यह संकेत देता है कि छोटे स्तर पर होने वाला परिवहन भी इस अवैध सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।


साढ़े पांच महीने में तीन हजार से ज्यादा प्रकरण यानी औसतन हर दिन कई मामलों में कार्रवाई हुई। इसके बावजूद यदि शराब का अवैध परिवहन लगातार जारी है तो केवल वाहन और शराब पकड़ने से आगे बढ़कर सप्लाई के स्रोत और नेटवर्क तक पहुंचना बड़ी चुनौती है।


विभाग की कार्रवाई में वाहन जब्ती के साथ आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि इन मामलों में आगे कितने आरोपियों तक जांच पहुंचती है और जब्त शराब की सप्लाई कहां से हुई थी।


इंदौर जैसे बड़े जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा बड़ा है, लेकिन असली सवाल कार्रवाई की संख्या से आगे का है—तीन हजार केस बनने के बाद नेटवर्क कितना टूटा और अवैध शराब की सप्लाई वास्तव में कितनी कम हुई? इसका जवाब आने वाले आंकड़ों से ही मिलेगा।

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