नई दिल्ली। रक्षाबंधन के मौके पर दिल्ली सरकार ने पानी बचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्रीटेड सीवेज के पानी का दोबारा इस्तेमाल बढ़ाने की योजना पर जोर दिया है। सरकार का लक्ष्य साफ है—जहां पीने योग्य पानी की जरूरत नहीं है, वहां उपचारित सीवेज जल का इस्तेमाल कर ताजे पानी पर दबाव कम किया जाए।
उपचारित पानी का इस्तेमाल पार्कों की सिंचाई, हरित क्षेत्रों, निर्माण कार्यों और अन्य गैर-पेय जरूरतों में किया जा सकता है। इससे भूजल और ताजे जल स्रोतों पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है।
दिल्ली जैसे महानगर में यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक ओर पानी की मांग लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर सीवेज की बड़ी मात्रा उत्पन्न होती है। यदि इस पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार कर सुरक्षित उपयोग किया जाए तो इसे बेकार बहाने के बजाय संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
लेकिन योजना की सफलता सिर्फ घोषणा से तय नहीं होगी। सबसे बड़ा सवाल उपचारित पानी की गुणवत्ता, नियमित निगरानी और अलग वितरण व्यवस्था का है। जनता को यह भरोसा भी दिलाना होगा कि पुनर्चक्रित पानी का उपयोग केवल निर्धारित गैर-पेय कार्यों के लिए ही होगा।
रक्षाबंधन के बहाने सरकार ने पानी बचाने का संदेश जरूर दिया है, लेकिन असली तोहफा तब माना जाएगा जब दिल्ली में सीवेज का पानी वास्तव में दोबारा उपयोग की व्यवस्था में दिखाई दे।

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