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सर्दियों में बच्चों को उम्र के हिसाब से कितनी बार नहलाना चाहिए और क्या सावधानियां बरतनी चाहिएHow often should children be bathed in winter, according to their age, and what precautions should be taken?

 सर्दियों के मौसम में पेरेंट्स को बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए. उनके खाने से लेकर उनके नहाने तक, हर चीज पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है. आपकी एक छोटी सी गलती भी उनकी सेहत को खतरे में डाल सकती है. क्योंकि सर्दियों में बच्चों की इम्यूनिटी कम हो जाती है. ऐसे में ठंड के मौसम में बच्चों को नहलाते समय भी कुछ बातों का खास ध्यान रखना पड़ता है. आज इस खबर में जानते हैं कि ठंड के मौसम में बच्चों को नहलाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...


सर्दियों में बच्चों को हफ्ते में कितनी बार नहलाना चाहिए?

सीके बिरला हॉस्पिटल्स जयपुर में प्रसूति एवं स्त्री रोग निदेशक डॉ. सी.पी. दाधीच कहते हैं कि कि सर्दियों में बच्चों को रोज नहलाना जरूरी नहीं होता है. क्योंकि ठंडे मौसम में उनके शरीर का तापमान पहले से ही कम होता है. रोज नहलाने से उनकी त्वचा रूखी हो सकती है और उन्हें ज्यादा ठंड लग सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर बच्चों को हफ्तों में 2-3 बार नहलाना ही काफी होता है. बार-बार नहलाने से बच्चों के बालों और स्किन से नैचुरल ऑयल निकल जाता है.

आयुर्वेद के अनुसार, हर मौसम और हर शरीर का प्रकार अलग होता है. सर्दियों में, जब वात दोष बढ़ता है, तो शरीर ठंड के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है. ठंड के मौसम में बार-बार नहाने से वात और बढ़ जाता है, जिससे सूखी, फटी त्वचा, जोड़ों में दर्द, या सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. मॉडर्न मेडिसिन भी मानती है कि बच्चों के लिए रोज नहाना जरूरी नहीं होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडे मौसम में बच्चों को हफ्ते में 2-3 बार नहलाना त्वचा के नैचुरल तेल और नमी को बनाए रखने के लिए काफी है.

सर्दियों में बच्चों को अपने बाल कितनी बार धोने चाहिए?

सर्दियों में, बच्चों को आमतौर पर गर्मियों की तुलना में कम बार बाल धोने चाहिए, आमतौर पर हफ्ते में 1-2 बार, ताकि सूखी हवा से बालों का नेचुरल तेल खत्म न हो जाए. हालांकि, यह बच्चे के बालों के टाइप, उम्र और एक्टिविटी लेवल पर निर्भर करता है. जैसे कि

छोटे बच्चों और एक साल से कम उम्र के शिशुओं की स्कैल्प बहुत सेंसिटिव होती है. इसलिए, उनके बाल हफ्ते में सिर्फ एक या दो बार ही धोने चाहिए.

वहीं, 8 से 12 साल के बच्चे हफ्ते में तीन बार तक शैम्पू कर सकते हैं. बाल धोने के बाद बालों में तेल लगाना भी जरूरी है. यह बच्चे के बालों को जरूरी पोषण देता है. 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए, बाल धोने की फ्रीक्वेंसी उनके बालों की कंडीशन के आधार पर तय की जा सकती है.

बाल धोने की फ्रीक्वेंसी बच्चे के बालों के टाइप पर भी निर्भर करती है. ऑयली स्कैल्प वाले बच्चों को अपने बालों को साफ रखने और गंदगी जमा होने से बचाने के लिए अधिक बार (हफ्ते में 2-3 बार) धोने की जरूरत हो सकती है. सूखे या घुंघराले बालों वाले बच्चों को अपने नेचुरल तेल को बनाए रखने के लिए कम बार (हर 7 से 10 दिन में) बाल धोने की जरूरत हो सकती है. एक्टिव बच्चों के लिए, शैम्पू के बीच में पानी से बाल धोना या को-वॉशिंग करने की सलाह दी जाती है.

सर्दियों में बच्चों को नहलाते समय ये सावधानियां बरतें...

सर्दियों में बच्चों को नहलाना एक बड़ी जिम्मेदारी वाला काम होता है. जरा सी भी लापरवाही से बच्चे बीमार पड़ सकते हैं. इसलिए, इन आसान सावधानियों को हमेशा याद रखें...

अपने बच्चे को नहलाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें.

उन्हें सही समय पर नहलाएं, जैसे कि सूरज निकलने के बाद और सूरज डूबने से पहले. इस समय वातावरण थोड़ा गर्म होता है, और ठंडी हवाओं का असर कम होता है.

नहलाने से पहले कमरे को बंद रखें ताकि ठंडी हवा सीधे न लगे. अगर बहुत अधिख ठंड है, तो नहलाने से पहले कमरे को गर्म कर लें.

नहलाने के तुरंत बाद, बच्चे को तौलिए से हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं. फिर, शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए तुरंत उन्हें गर्म कपड़े और मोजे पहनाएं.

सर्दियों में नहाने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है. इसके लिए बिना खुशबू वाला, माइल्ड मॉइस्चराइजर या नारियल चुनें.

बच्चों को हमेशा सूती और गर्म कपड़े पहनाएं ताकि पसीना आसानी से सोख लिया जाए और त्वचा में कोई जलन न हो.

अगर आप इन सावधानियों को अपनी रोज़ाना की दिनचर्या में शामिल करते हैं, तो आपका बच्चा सर्दियों में भी सुरक्षित, गर्म और हेल्दी रहेगा

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