काठमांडू। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। 26 अगस्त की सुबह शुरू हुई इस आपदा में नदी के किनारे बसे इलाकों में घर, सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बचाव दल लगातार मलबे और नदी के आसपास लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 162 लोगों की मौत हो चुकी है और कईलोग घायल बताए गए हैं। सैकड़ों लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 116 लोगों को हेलीकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाला गया है।
रसुवा का तिमुरे और स्याफ्रूबेसी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। बाढ़ ने बस्तियों के साथ सड़क और पुलों को बहा दिया। जलविद्युत ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। आपदा का असर रसुवा से आगे धादिंग, नुवाकोट, चितवन, गोरखा, नवलपरासी पूर्व और तनहूं तक दिखाई दिया है।
रिपोर्टों के मुताबिक आपदा के बाद बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक और पर्यटक भी लापता हैं। भारत के नागरिकों के भी लापता होने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित यह क्षेत्र कैलाश-मानसरोवर यात्रा के मार्ग से भी जुड़ा है।
सबसे बड़ी चुनौती अब लापता लोगों को खोजने और कटे हुए इलाकों तक राहत पहुंचाने की है। खराब मौसम और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग बचाव अभियान को मुश्किल बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
नेपाल की यह त्रासदी एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़, भूस्खलन और कमजोर बुनियादी ढांचे के खतरे को सामने लाती है।

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