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Tension Headache के लक्षण और कारण: हर बार सिरदर्द को न समझें माइग्रेन, NHS ने सुझाया बिना दवा के कैसे पाएं राहत

 

 सिरदर्द की हर समस्या माइग्रेन नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे आम प्रकार का सिरदर्द टेंशन हेडेक है, जो अक्सर तनाव, थकान, खराब पॉश्चर या लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठने के कारण होता है। एनएचएस और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, यह सिरदर्द आमतौर पर गंभीर नहीं होता, लेकिन बार-बार होने पर जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।


टेंशन हेडेक में सिर के दोनों तरफ दबाव या कसाव जैसा दर्द, माथे या सिर के पीछे भारीपन, गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में जकड़न तथा हल्के से मध्यम स्तर का दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द आमतौर पर धड़कन जैसा नहीं होता और रोजमर्रा की गतिविधियों से ज्यादा नहीं बढ़ता। माइग्रेन के विपरीत इसमें अक्सर मतली, उल्टी या तेज रोशनी और आवाज से अत्यधिक परेशानी नहीं होती।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक तनाव, पर्याप्त नींद न लेना, लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल का इस्तेमाल, आंखों पर अधिक दबाव, भोजन छोड़ना, पानी कम पीना और गलत बैठने की आदत इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।

बिना दवा के राहत कैसे पाएं? एनएचएस के अनुसार पर्याप्त आराम करें, खूब पानी पिएं, समय पर भोजन करें, तनाव कम करने के लिए गहरी सांस लेने या रिलैक्सेशन तकनीकों का अभ्यास करें, गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें तथा स्क्रीन से नियमित अंतराल पर ब्रेक लें। कई लोगों को माथे या गर्दन पर गर्म या ठंडी सिकाई से भी आराम मिल सकता है।

यदि सिरदर्द बार-बार होने लगे, कई दिनों तक बना रहे, अचानक बहुत तेज दर्द हो, सिरदर्द के साथ बुखार, बेहोशी, कमजोरी, बोलने में दिक्कत या देखने में परेशानी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच से गंभीर कारणों का पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार मिल सकता है।

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