नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी सैटेलाइट-आधारित नेविगेशन सिस्टम GAGAN (GPS Aided GEO Augmented Navigation) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। यह प्रणाली भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल करती है, जिनके पास विमानन क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक Satellite-Based Augmentation System (SBAS) उपलब्ध है।
GAGAN का विकास (ISRO) और (AAI) ने संयुक्त रूप से किया है। इसका उद्देश्य GPS की सटीकता बढ़ाना और विमानों को अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय नेविगेशन सुविधा उपलब्ध कराना है।
यह प्रणाली विमान संचालन के दौरान पायलटों को अत्यंत महत्वपूर्ण 'इंटीग्रिटी सूचना' (Integrity Information) उपलब्ध कराती है, जिससे नेविगेशन संबंधी त्रुटियों की तुरंत पहचान हो जाती है और उड़ान सुरक्षा बेहतर होती है। GAGAN विशेष रूप से लैंडिंग, टेकऑफ और चुनौतीपूर्ण मौसम की परिस्थितियों में विमान संचालन को अधिक सुरक्षित बनाता है।
वर्ष 2015 से परिचालन में मौजूद GAGAN के साथ भारत, अमेरिका, यूरोप और जापान के बाद इस उन्नत तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाने वाला दुनिया का चौथा क्षेत्र बन गया। यह उपलब्धि देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि GAGAN न केवल भारतीय विमानन क्षेत्र को नई मजबूती देगा, बल्कि भविष्य में ड्रोन, सटीक मानचित्रण, आपदा प्रबंधन और अन्य नेविगेशन आधारित सेवाओं में भी इसकी उपयोगिता लगातार बढ़ेगी। यह उपलब्धि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को नई गति देने वाला एक अहम कदम भी मानी जा रही है।

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