नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार से विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम पूरे देश में लागू कर दिया। नए कानून के साथ ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए गए हैं। पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी, जबकि संशोधित मजदूरी दरें भी आज से प्रभावी हो गई हैं। सरकार ने न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये तय की है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार नई व्यवस्था में ग्राम पंचायतों की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण होगी। पंचायतें प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देंगी। इसके अलावा डिजिटल भुगतान, सामाजिक अंकेक्षण, जियो-टैगिंग और ऑनलाइन निगरानी के जरिए योजना में पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
सरकार का दावा है कि यह कानून केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर गांवों के लक्ष्य को भी गति देगा। हालांकि विपक्ष ने योजना के वित्तीय ढांचे और कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं। इसके बावजूद केंद्र का कहना है कि नई व्यवस्था से करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और विकसित भारत के संकल्प को नई मजबूती मिलेगी।

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