प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी और अवैध निवेश योजना से जुड़े मामले में ड्रीम मेकर्स ग्लोबल के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए तमिलनाडु और केरल में 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज मामले में की गई।
ED के अनुसार, कंपनी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक एस. सतीश कुमार (दिवंगत), निदेशक गुनावथी, मैनेजर मुगुंथन नायर और अन्य सहयोगियों ने मिलकर आम लोगों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश कराया। आरोप है कि कंपनी ने अवास्तविक रिटर्न का वादा कर बड़ी संख्या में निवेशकों से धन जुटाया, लेकिन बाद में भुगतान नहीं किया और रकम का दुरुपयोग किया गया।
जांच एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और उससे जुड़ी जांच के आधार पर शुरू की गई है। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन से जुड़े साक्ष्य और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। ED यह भी पता लगा रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम को किन-किन खातों और संपत्तियों में स्थानांतरित किया गया।
प्रारंभिक जांच में मनी लॉन्ड्रिंग, निवेशकों से धोखाधड़ी और अवैध वित्तीय लेनदेन के संकेत मिले हैं। एजेंसी अब आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है। मामले में आगे और लोगों से पूछताछ तथा नए खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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