भारत और पाकिस्तान ने वर्ष 2008 के कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत अपनी-अपनी जेलों में बंद कैदियों और मछुआरों की ताजा सूची का आदान-प्रदान किया। इस प्रक्रिया के तहत भारत ने पाकिस्तान को अपनी हिरासत में मौजूद 382 पाकिस्तानी नागरिक कैदियों और 57 मछुआरों, कुल 439 लोगों की सूची सौंपी। वहीं पाकिस्तान ने भारत को 53 नागरिक कैदियों और 135 मछुआरों, कुल 188 भारतीयों की सूची उपलब्ध कराई।
सूची मिलने के बाद भारत ने पाकिस्तान से सभी भारतीय नागरिकों और मछुआरों की शीघ्र रिहाई, सुरक्षित स्वदेश वापसी और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही भारत ने उन 13 भारतीय कैदियों तक तत्काल कांसुलर पहुंच (Consular Access) देने की भी मांग दोहराई, जिनकी राजनयिक पहुंच अब तक पाकिस्तान ने उपलब्ध नहीं कराई है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि जो भारतीय अपनी सजा पूरी कर चुके हैं या जिनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हो चुकी है, उन्हें बिना देरी रिहा किया जाना चाहिए। भारत ने पाकिस्तान से ऐसे कैदियों की पहचान और उनकी वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी आग्रह किया।
भारत और पाकिस्तान हर वर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को एक-दूसरे की जेलों में बंद कैदियों की सूची साझा करते हैं। इसका उद्देश्य दोनों देशों के नागरिकों को कानूनी सहायता, कांसुलर पहुंच और मानवीय आधार पर राहत उपलब्ध कराना है। हालांकि, दोनों देशों के रिश्तों में तनाव के बावजूद यह व्यवस्था अब भी जारी है और इसे द्विपक्षीय विश्वास बनाए रखने के महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक माना जाता है।

Post a Comment