मुंबई। मई और जून के दौरान उतार-चढ़ाव झेलने के बाद जुलाई में भारतीय शेयर बाजार के लिए माहौल बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कई सकारात्मक घरेलू और वैश्विक संकेतकों के चलते इस महीने निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई का ऐतिहासिक प्रदर्शन भारतीय शेयर बाजार के लिए अक्सर सकारात्मक रहा है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपये की अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव में कमी जैसे कारक भी बाजार को समर्थन दे सकते हैं।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजे और वैश्विक आर्थिक संकेतक भी जुलाई के दौरान बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अनुमान है कि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो निफ्टी में 500 से 700 अंकों तक की तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को केवल अनुमान के आधार पर निवेश करने के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और उचित सलाह को ध्यान में रखकर ही निवेश का निर्णय लेने की सलाह दे रहे हैं।
जुलाई में आईटी, बैंकिंग, ऑटो, कैपिटल गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के प्रदर्शन पर भी बाजार की विशेष नजर रहेगी। यदि घरेलू और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।

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