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नई दिल्ली | बौद्धिक प्रतिकार
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सेना के आधुनिकीकरण को राष्ट्रीय सुरक्षा की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में बताते हुए सैन्य क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल, नई युद्ध तकनीकों और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना को आधुनिक हथियारों, अत्याधुनिक तकनीक और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों से तेजी से लैस करना समय की मांग है।
जनरल सेठ ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में परिचालन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक हथियार प्रणालियों के शीघ्र समावेशन, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों के अधिक उपयोग तथा सैनिकों के प्रशिक्षण को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि सेना का लक्ष्य केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी चुनौती का त्वरित और प्रभावी जवाब देने के लिए 'फ्यूचर रेडी फोर्स' तैयार करना है। इसके लिए स्वदेशी रक्षा उत्पादन, डिजिटल कमांड सिस्टम और संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता को भी मजबूत किया जा रहा है।
भारतीय सेना पिछले कुछ वर्षों में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी हथियारों, निगरानी प्रणालियों और आधुनिक युद्ध उपकरणों को तेजी से शामिल कर रही है। सेना प्रमुख ने इन प्रयासों को और गति देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बौद्धिक प्रतिकार विश्लेषण
आधुनिक युद्ध अब केवल बंदूक और टैंक से नहीं जीते जाते। ड्रोन, साइबर हमले, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट निगरानी और रियल-टाइम इंटेलिजेंस आज युद्ध की नई ताकत बन चुके हैं। ऐसे में सेना प्रमुख का आधुनिकीकरण पर जोर केवल सैन्य सुधार नहीं, बल्कि भारत की दीर्घकालिक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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