इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने हनी ट्रैप-2 प्रकरण में जेल में बंद मुख्य आरोपी लाखन चौधरी सहित उसके परिवार के 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि परिवार ने अपनी ही अनपढ़ बुजुर्ग रिश्तेदार को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर उसकी करीब 14 एकड़ कृषि भूमि, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है, अपने नाम करा ली।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर महिला की जमीन का नामांतरण करा लिया। इसके बाद जमीन के हिस्सों का सौदा भी कर दिया और कथित तौर पर बुजुर्ग महिला को घर से बाहर निकाल दिया। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब महिला की बेटी अपनी मां को जिंदा लेकर अधिकारियों के सामने पहुंची। महिला को जीवित देखकर राजस्व और पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस कथित साजिश में लाखन चौधरी, उसके परिवार के सदस्य और कुछ अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस अब जमीन के नामांतरण, बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे फर्जीवाड़े में किन-किन लोगों की मिलीभगत थी और क्या सरकारी तंत्र के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी इसमें शामिल है। मामले को इंदौर के हाल के वर्षों के सबसे बड़े भूमि घोटालों में से एक माना जा रहा है।

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