नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा अनिवासी (FCNR) जमा खातों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने बैंकों को FCNR खातों पर ब्याज दरों की सीमा बढ़ाने की अनुमति दे दी है, जिसके बाद इन खातों पर ब्याज दरें 7 प्रतिशत तक पहुंच सकती हैं। इस फैसले को प्रवासी भारतीयों (NRI) के लिए बड़ी राहत और आकर्षक निवेश अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, FCNR खाते विदेशी मुद्रा में जमा स्वीकार करते हैं और इनमें विनिमय दर के उतार-चढ़ाव का जोखिम निवेशक पर नहीं पड़ता। अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देशों और अन्य क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों के लिए भारत में डॉलर जमा करना पहले से अधिक लाभदायक हो जाएगा।
RBI के इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ाना है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और डॉलर की मजबूती के बीच भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार को और मजबूत करना चाहता है। माना जा रहा है कि इस फैसले से बैंकों को अधिक विदेशी मुद्रा जमा मिलेगी, जिससे रुपये पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि बढ़ी हुई ब्याज दरें NRI निवेशकों को आकर्षित करेंगी और आने वाले महीनों में FCNR जमा में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को भी अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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