नई दिल्ली/नागपुर। भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमता को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को महाराष्ट्र के नागपुर में अत्याधुनिक एल्युमीनियम एक्सट्रूजन प्रेस परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। यह परियोजना रक्षा, एयरोस्पेस और सामरिक उद्योगों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमीनियम उत्पादों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और मजबूत करेगी। एल्युमीनियम एक्सट्रूजन तकनीक का उपयोग लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणाली, सैन्य वाहन, नौसेना प्लेटफॉर्म और अन्य रणनीतिक उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। अब तक इन उत्पादों के लिए विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता अधिक रही है, जिसे कम करने की दिशा में यह परियोजना अहम साबित होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो देश के रक्षा क्षेत्र के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, रक्षा उद्योग, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और सशस्त्र बलों के बीच बढ़ते समन्वय को दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि नागपुर में स्थापित होने वाली यह परियोजना न केवल रक्षा क्षेत्र को मजबूती देगी बल्कि मध्य भारत में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। इससे उच्च तकनीक विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और भारत की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला अधिक आत्मनिर्भर बन सकेगी।
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा उत्पादन और निर्यात दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रक्षा निर्यात को और बढ़ाकर भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। नागपुर की यह नई परियोजना उसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

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