एवियन (फ्रांस)/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा है कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer के साथ हुई बैठक में दोनों नेताओं ने इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते के क्रियान्वयन पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और सीईटीए इसके लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि समझौते के लागू होने से दोनों देशों के उद्योगों, उद्यमियों और पेशेवरों को व्यापक लाभ मिलेगा।
यह समझौता 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होने जा रहा है। इसके तहत भारत के अधिकांश निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में शुल्क-मुक्त या रियायती पहुंच मिलेगी, जबकि ब्रिटेन के कई उत्पादों पर भारत में आयात शुल्क कम किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वस्त्र, चमड़ा, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग वस्तुओं और आईटी सेवाओं के निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
ब्रिटेन सरकार के अनुमान के अनुसार यह समझौता दीर्घकाल में द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 25.5 अरब पाउंड की अतिरिक्त वृद्धि कर सकता है और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण लाभ पहुंचाएगा। साथ ही दोनों देशों के बीच निवेश प्रवाह बढ़ने तथा नई नौकरियों के सृजन की संभावना है।
बैठक में दोनों नेताओं ने रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, हरित ऊर्जा, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारत और ब्रिटेन ने सामाजिक सुरक्षा योगदान से संबंधित प्रावधानों को भी विस्तार देने का निर्णय लिया है, जिससे दोनों देशों में कार्यरत पेशेवरों को राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीईटीए केवल एक व्यापार समझौता नहीं, बल्कि भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला आर्थिक पुल है, जिससे आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंध और अधिक मजबूत होंगे।

Post a Comment