पेरिस/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ प्रतिष्ठित VivaTech-2026 सम्मेलन में भाग लेंगे। यह यूरोप का सबसे बड़ा स्टार्टअप, नवाचार और प्रौद्योगिकी सम्मेलन माना जाता है, जहां दुनिया भर के उद्यमी, निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति-निर्माता जुटते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों सम्मेलन में नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), हरित प्रौद्योगिकी, डिजिटल परिवर्तन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और उभरती तकनीकों पर विचार साझा करेंगे। दोनों नेता भारत और फ्रांस के बीच तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने पर भी जोर देंगे।
भारत पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप केंद्रों में से एक बनकर उभरा है। देश में 1.5 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप कार्यरत हैं और यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में वीवाटेक-2026 सम्मेलन भारत के तकनीकी कौशल और नवाचार क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
सम्मेलन के दौरान भारतीय और फ्रांसीसी कंपनियों के बीच निवेश, अनुसंधान एवं विकास (R&D), सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की संयुक्त उपस्थिति भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी तथा दोनों देशों के बीच तकनीक, निवेश और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों वीवाटेक-2026 सम्मेलन में शमिल होंगे।
AI, स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक और हरित नवाचार पर विशेष फोकस रहेगा।
भारत-फ्रांस तकनीकी और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद।
भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर दोनों देशों का जोर।

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