बारिश के मौसम में बुखार के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। कई बार लोगों को यह समझ नहीं आता कि उन्हें सामान्य वायरल संक्रमण हुआ है या मलेरिया। दोनों बीमारियों के शुरुआती लक्षण काफी हद तक एक जैसे हो सकते हैं, इसलिए सही पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार वायरल बुखार में शरीर दर्द, थकान, सिरदर्द, गले में खराश, खांसी और भूख कम लगने जैसे लक्षण सामान्य रूप से दिखाई देते हैं। वायरल संक्रमण में बुखार लगातार रह सकता है और कुछ दिनों में धीरे-धीरे ठीक होने लगता है।
वहीं मलेरिया में तेज बुखार के साथ ठंड लगना और कंपकंपी आना प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। इसके बाद मरीज को अत्यधिक पसीना आ सकता है और बुखार उतर जाता है। यह चक्र बार-बार दोहराया जा सकता है। मलेरिया के मरीज को कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, मांसपेशियों में दर्द और गंभीर मामलों में सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बुखार बार-बार आ रहा हो, ठंड लग रही हो या लगातार कमजोरी महसूस हो रही हो तो इसे सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए।
समय पर जांच और सही उपचार से मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है, जबकि लापरवाही स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

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