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कच्चा तेल धड़ाम, लेकिन पेट्रोल-डीजल अब भी महंगे! आखिर आम जनता को राहत कब मिलेगी?Crude oil prices plummet, but petrol and diesel remain expensive! When will the common people finally get relief?

 

एक महीने में 23% टूटी तेल की कीमतें, फिर भी ईंधन के दाम जस के तस रहने पर उठ रहे सवाल

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले एक महीने के दौरान करीब 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। खाड़ी देशों के बेंचमार्क क्रूड और अमेरिकी कच्चे तेल के दाम करीब चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ी राहत नहीं मिलने से आम लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर सस्ता तेल होने का फायदा उन्हें कब मिलेगा।


बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से तेल विपणन कंपनियों की लागत कम होती है, लेकिन खुदरा ईंधन कीमतों पर इसका असर कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है। इनमें रुपये-डॉलर की विनिमय दर, टैक्स, परिवहन लागत और तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति शामिल हैं।

जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि फिलहाल कंपनियां बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल में लगातार नरमी भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे महंगाई पर दबाव कम हो सकता है और सरकार के वित्तीय प्रबंधन को भी राहत मिल सकती है। अब आम जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस गिरावट का लाभ घरेलू उपभोक्ताओं तक कब पहुंचता है।

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