कांग्रेस के हमलों के बीच दिल्ली दौरे को लेकर अटकलें तेज, भाजपा ने आरोपों को किया खारिज
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली दौरे को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं सामने आने लगीं। विपक्षी दल कांग्रेस ने जमीन खरीद से जुड़े आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए मामले की जांच की मांग उठाई है, वहीं भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक प्रेरित बताया है।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि हाल ही में सामने आए भूमि खरीद संबंधी विवाद के बाद मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि दौरे का संबंध आरोपों से है या नहीं।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े भूमि सौदों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि जिन क्षेत्रों में बाद में सरकारी परियोजनाएं आईं, वहां पहले जमीन खरीदी गई थी। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए न्यायिक जांच की मांग दोहराई है।
भाजपा का पलटवा
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई अनियमितता साबित नहीं हुई है और विपक्ष बिना तथ्यों के भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। भाजपा का दावा है कि कांग्रेस विकास कार्यों और सरकार की लोकप्रियता से बराकर ऐसे मुद्दे उछाल रही है।
दिल्ली दौरे पर बढ़ी अटकलें
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक विश्लेषक कई तरह के कयास लगा रहे हैं। हालांकि भाजपा का कहना है कि पार्टी और सरकार के वरिष्ठ नेताओं का दिल्ली आना-जाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे किसी विवाद से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।
राजनीतिक तापमान बढ़ा
आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और विपक्ष इस मुद्दे को आगे किस तरह लेकर जाते हैं तथा क्या इस मामले में कोई आधिकारिक जांच या नया खुलासा सामने आता है।

Post a Comment