ग्वालियर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक रिटायर्ड टेक्नीशियन को अपने जाल में फंसाकर 1.58 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। मामले की जांच के दौरान सामने आया है कि ठगी की रकम 129 विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई, जबकि जांच एजेंसियां इसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और कंबोडिया कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस के अनुसार, ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया। कार्रवाई और गिरफ्तारी की धमकी देकर उसे लगातार निगरानी में रखा गया तथा अलग-अलग खातों में रकम जमा कराने के लिए मजबूर किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़ित ने ठगों के कहने पर करीब 19 लाख रुपये की राशि जुटाने के लिए अपने गहने गिरवी रखकर लोन तक लिया। इसके बाद भी ठग लगातार पैसे की मांग करते रहे और कुल ठगी की रकम 1.58 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
साइबर पुलिस की जांच में रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाने की जानकारी मिली है। अधिकारियों का कहना है कि धन के लेन-देन की पूरी श्रृंखला खंगाली जा रही है और अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह से जुड़े संभावित तारों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति के दबाव में आकर धनराशि ट्रांसफर न करें और संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें।

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