नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुलिस ने एक बड़े चाइल्ड ट्रैफिकिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पांच बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, जिन्हें कथित तौर पर अवैध रूप से बेचने और विभिन्न राज्यों में भेजने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य गरीब और असहाय परिवारों को निशाना बनाते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नवजात और छोटे बच्चों की खरीद-फरोख्त के लिए संगठित नेटवर्क चलाते थे। गिरोह से जुड़े कई लोग बच्चों के फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनकी पहचान बदलने में भी शामिल थे।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान पांच बच्चों को बरामद किया गया और 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क की पहुंच किन-किन राज्यों तक थी और अब तक कितने बच्चों की तस्करी की जा चुकी है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह का संबंध अन्य राज्यों में सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क से भी हो सकता है।
बचाए गए बच्चों को फिलहाल बाल कल्याण समिति (CWC) की निगरानी में रखा गया है। उनकी पहचान और परिवारों का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानव तस्करी और बाल तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बावजूद ऐसे गिरोह समाज के कमजोर वर्गों का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसलिए जागरूकता, सख्त कानून और तेज जांच की आवश्यकता बनी हुई है।

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