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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अग्रिम जमानत देते वक्त इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस केस के महत्वपूर्ण फैक्ट अपने कंक्लूजन में लिखे हैं।While granting anticipatory bail to Swami Avimukteshwaranand, the Allahabad High Court recorded the significant facts of this case in its conclusions.

 – डॉक्टरों ने पीड़ितों के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं पाई। यौन उत्पीड़न पर निर्णायक निष्कर्ष नहीं दिया है।

– पीड़ित बटुक लगातार आशुतोष ब्रह्मचारी के संपर्क में रहे। FIR होने के बाद भी मीडिया में उनके इंटरव्यू दिलाए गए।


– पीड़ित बटुकों ने अपने साथ हुई घटना सबसे पहले अपने मां–बाप को न बताकर अजनबी सूचनाकर्ता को बताई।

– HC ने डॉक्यूमेंट्स से पाया है कि एक बटुक घटना के वक्त बालिग था, जबकि उसे FIR में नाबालिग बताया गया है। 

– FIR में घटना क्षेत्र प्रयागराज बताया है, जबकि एक बटुक ने MP और उत्तराखंड का जिक्र किया है।

– पीड़ित बटुक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम के छात्र नहीं हैं, क्योंकि डॉक्यूमेंट्स से हरदोई के संस्कृत विद्यालय के छात्र होने की पुष्टि हुई है।

– बटुकों ने अपने साथ हुए अपराध की जानकारी मौनी अमावस्या पर आशुतोष ब्रह्मचारी को दी। उसी दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का प्रयागराज प्रशासन से स्नान पर विवाद हुआ। इस फैक्ट को HC ने महत्वपूर्ण माना है।

इन सभी फैक्ट्स के आधार पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अग्रिम बेल दी गई है !!

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