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सड़क पर बढ़ीं बैटरी वाली गाड़ियां, चार्जिंग का जाल भी फैला—67,657 चार्जर तैयार

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार बढ़ने के साथ अब सबसे बड़ी चिंता मानी जाने वाली चार्जिंग सुविधा भी तेजी से विस्तार ले रही है। केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 7 अगस्त 2026 तक देशभर में 67,657 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर स्थापित हो चुके हैं। इनमें 1,139 बैटरी बदलने वाले केंद्रों से जुड़े चार्जर भी शामिल हैं।



चार्जिंग ढांचे के विस्तार का असर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने पर भी दिखाई दे रहा है। सरकार के अनुसार जून 2026 तक केवल फेम-द्वितीय योजना के तहत 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री के स्तर तक पहुंचे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से इलेक्ट्रिक बसों और अन्य वाहनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।


सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके चार्जर पर वस्तु एवं सेवा कर को 5 प्रतिशत तक सीमित करने जैसे कदम भी उठाए हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और चार्जिंग ढांचा तैयार करने को प्रोत्साहन मिला है।


लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। जुलाई में सरकारी आंकड़ों में 52,718 सार्वजनिक चार्जिंग केंद्र दर्ज थे, जिनमें 16,561 कारों के तेज चार्जर से लैस थे। यानी केवल संख्या बढ़ना पर्याप्त नहीं; चार्जर की क्षमता, उपलब्धता और सही स्थान भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।


ईवी का भविष्य अब सिर्फ गाड़ी बेचने से नहीं, बल्कि रास्ते में भरोसेमंद चार्जिंग मिलने से तय होगा।

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