टकराव की उलटी गिनती: पश्चिम एशिया में सुलगती जंग और बेअसर होती दुनिया”Countdown to Conflict: The Smoldering War in West Asia and a Powerless World
“ संपादकीय पश्चिम एशिया अब सिर्फ तनाव का इलाका नहीं रहा—यह एक ऐसे बारूद के ढेर में बदल चुका है, जह…
“ संपादकीय पश्चिम एशिया अब सिर्फ तनाव का इलाका नहीं रहा—यह एक ऐसे बारूद के ढेर में बदल चुका है, जह…
संम्पादकीय . बिहार की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। लगभग ढाई दशक तक सत्ता के केंद्र में रह…
संग्पादकीय : प्रणव बजाज भारतीय राजनीति में पिछले एक दशक के दौरान कुछ ऐसे मुद्दे उभरे हैं, जिन्हों…
संम्पादकीय : प्रणव बजाज पश्चिम बंगाल का चुनाव हमेशा से केवल सत्ता परिवर्तन का सवाल नहीं रहा, बल्क…
“ एक तरफ नारे को राष्ट्रभक्ति का पैमाना बनाने की जिद, दूसरी तरफ धर्म के नाम पर दूरी—आखिर देश किस र…
प्रणव बजाज (सम्पादकीय ) इंदौर। शहर की नगर निगम व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार …
सम्पादकीय : प्रणव बजाज अमेरिका और ईरान के बीच करीब छह हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद युद्धविराम तो हो …
प्रणव बजाज संम्पादकीय “जाति न पूछो साधु की…”—यह आदर्श भले ही समाज को दिशा देता हो, लेकिन आज की राजन…
सम्पादकीय क्या हम कोरोना से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं? शायद नहीं. जब हमें लगता है कि सब कुछ सामा…
. सम्पादकीय नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव ने अब वैश्विक स्तर पर गंभीर आर्थिक और …
सम्पादकीय अमेरिका-इस्राइल व ईरान के बीच जारी संघर्ष में किसी पक्ष के झुकने के लिए तैयार न होने से प…
सम्पादकीय केरल का नाम ‘केरलम’ किया जाना और मलयालम को राज्य की आधिकारिक भाषा की मंजूरी मिलने को कु…
सम्पादकीय ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के तीन सप्ताह गुजरने के बाद उसकी तपिश पूरी दुनिया को झेल…
सम्पादकीय नौकरशाही के कार्य-व्यवहार को जानने के लिए चंद दिनों की कुछ चर्चित घटनाओं पर चर्चा करते …
हम भी ना खाएंगे और दूसरों को भी नहीं खाने देंगे इस परंपरा को लागू करते हुए ...ट्रंप ने यह कदम रखा…
सम्पादकीय भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति किसी से भी छिपी नहीं है। युद्धों और आतंकी हमल…
सम्पादकीय बजट दस्तावेज़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के लिए आवंटन…
सम्पादकीय राजनीति में बारामती विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। तत्कालीन उ…
सम्पादकीय भीड़ थी। लोग थे। मोबाइल थे। कैमरे थे। बस इंसान नहीं थे। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले म…
सम्पादकीय कभी-कभी ऐसा लगता है कि हमारी सड़कों पर हक़ से गूँजने वाली दो ही आवाज़ें बची हैं—एक बेचै…