ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जनता को त्याग और सादगी का संदेश देने से पहले सरकार को अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर देशहित में बचत और सहयोग की बात हो रही है तो सबसे पहले सरकार अपने 8 हजार करोड़ रुपये के विशेष विमान को बेचकर उदाहरण पेश करे। शंकराचार्य ने सवाल उठाया कि आम जनता पर बोझ डालने से पहले सत्ता में बैठे लोगों को खुद सादगी अपनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश की जनता पहले से महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव झेल रही है। ऐसे समय में केवल जनता से त्याग की अपेक्षा करना उचित नहीं माना जा सकता।
शंकराचार्य के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। विपक्षी दल भी सरकार के खर्चों और वीआईपी संस्कृति को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं, जबकि समर्थक इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा मामला बता रहे हैं।

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