भुवनेश्वर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार गृह राज्य ओडिशा पहुंचे वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान का पार्टी नेताओं और समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर कई मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिससे राज्य की राजनीति में उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बावजूद धर्मेंद्र प्रधान का ओडिशा भाजपा में प्रभाव कम नहीं हुआ है। पार्टी नेतृत्व उनके इस्तीफे को “राजनीतिक जिम्मेदारी” के रूप में पेश कर रहा है, जबकि विपक्ष इसे छात्र आंदोलनों के दबाव का परिणाम बता रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के बाद कहा था कि उन्होंने छात्रों के हित और देश की एकता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। इसके बाद उनकी ओडिशा वापसी को राज्य भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। हालांकि, फिलहाल भाजपा की ओर से धर्मेंद्र प्रधान की नई भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जरूर है कि आने वाले समय में वे संगठन या राज्य की राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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