सरकारी काम के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने और घंटों कतार में खड़े रहने का दौर धीरे-धीरे बदल रहा है। केंद्र सरकार के डिजिटल मंच उमंग ने पिछले तीन वर्षों में उपयोग के मामले में बड़ा आंकड़ा दर्ज किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, उमंग पर 11.66 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हुए और इस अवधि में करीब 798 करोड़ लेनदेन किए गए।
31 जुलाई 2026 तक उमंग पर केंद्र और राज्य सरकारों की मिलाकर करीब 2,575 सेवाएं उपलब्ध थीं। इनमें केंद्र सरकार की 880 और राज्य सरकारों की 1,695 सेवाएं शामिल हैं। यानी एक ही डिजिटल मंच पर अलग-अलग विभागों की सेवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश अब बड़े पैमाने पर दिखाई दे रही है।
लेकिन इस डिजिटल बदलाव की असली परीक्षा केवल आंकड़ों में नहीं है। सवाल यह भी है कि ग्रामीण और दूरदराज के लोगों को इन सेवाओं का कितना फायदा मिल रहा है। सरकार के मुताबिक 30 जून 2026 तक ग्राम पंचायत स्तर पर 4,07,122 सामान्य सेवा केंद्र काम कर रहे थे, जिनमें 70,069 केंद्र महिला ग्राम स्तरीय उद्यमियों द्वारा संचालित किए जा रहे थे।
उमंग को आधार, ई-हस्ताक्षर और अन्य डिजिटल ढांचों से जोड़ा गया है, जिससे कागजरहित सेवाओं को बढ़ावा मिला है।
798 करोड़ लेनदेन सरकार के डिजिटल बदलाव की बड़ी तस्वीर जरूर दिखाते हैं, लेकिन असली सफलता तब मानी जाएगी जब डिजिटल सुविधा हर नागरिक तक बिना तकनीकी परेशानी पहुंचे।
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