वॉशिंगटन/दोहा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने पहली बार खुलकर कतर के साथ पाकिस्तान की भी सराहना की है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि दोनों देशों ने अमेरिका-ईरान वार्ता को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में तनाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस बयान ने पाकिस्तान की बदलती कूटनीतिक भूमिका को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
दोहा में कतर के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ लंबी बैठक की। बैठक में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता, प्रस्तावित 14-सूत्रीय समझौता (MoU), लेबनान युद्धविराम, गाजा संकट और पश्चिम एशिया में स्थायी शांति एवं क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बौद्धिक प्रतिकार की पड़ताल के अनुसार, अमेरिका अब सैन्य दबाव के साथ-साथ कूटनीतिक चैनलों को भी सक्रिय कर रहा है। कतर लंबे समय से मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है, लेकिन पाकिस्तान का नाम सार्वजनिक रूप से सामने आना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वॉशिंगटन क्षेत्रीय समीकरणों में इस्लामाबाद की भूमिका को भी महत्व देने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा, ऊर्जा बाजार और वैश्विक कूटनीति पर पड़ सकता है। हालांकि अभी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है और वार्ता का अगला चरण सभी पक्षों के रुख पर निर्भर करेगा।

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