भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भूमिपूजन और शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न कर लौटने के कुछ ही समय बाद प्रशासनिक लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यक्रम में उपयोग की गई शिलापट्ट (शिलान्यास पट्टिका) को अधिकारियों और कर्मचारियों ने सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखने के बजाय कचरे के ढेर में धकेल दिया।
इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष इसे सरकारी आयोजनों की औपचारिकता और प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस शिलापट्ट का कुछ देर पहले मुख्यमंत्री के हाथों अनावरण हुआ, उसका इस तरह अपमान किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
यदि यह मामला सही पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होना स्वाभाविक है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

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