भोपाल/ग्वालियर | बौद्धिक प्रतिकार
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। ग्वालियर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ लंबित मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए भिंड पुलिस को अगली सुनवाई पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की गई है।
यह मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भिंड जिले की एक चुनावी सभा में दिए गए कथित विवादित बयान से जुड़ा है। आरोप है कि पटवारी ने तत्कालीन बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
सुनवाई के दौरान भिंड पुलिस ने अदालत को बताया कि पटवारी का पता नहीं चल सका, इसलिए उन्हें पेश नहीं किया जा सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब पटवारी लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में दिखाई दे रहे हैं, तो पुलिस उन्हें तलाशने में असफल कैसे रही। अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अगली तारीख पर हर हाल में उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष इसे कानून के पालन का मुद्दा बता रहा है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देख रही है। अब सभी की नजर 27 जुलाई की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस मामले में आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट हो सकती है।

Post a Comment