श्रीनगर। कश्मीर में पर्यटक वाहनों के संचालन को लेकर उठी मांग ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। स्थानीय टैक्सी यूनियनों द्वारा बाहरी राज्यों के पर्यटक वाहनों पर नियंत्रण की मांग के बाद People's Democratic Party (PDP) और Bharatiya Janata Party (BJP) आमने-सामने आ गई हैं।
पीडीपी का कहना है कि पर्यटन से होने वाले आर्थिक लाभ का बड़ा हिस्सा स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए। पार्टी के अनुसार बाहरी वाहनों की बढ़ती संख्या से स्थानीय टैक्सी चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। इसलिए सरकार को स्थानीय हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
वहीं भाजपा ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा है कि ऐसे प्रतिबंधों से जम्मू-कश्मीर की पर्यटन-अनुकूल छवि प्रभावित हो सकती है। भाजपा नेताओं का तर्क है कि पर्यटकों के लिए अतिरिक्त बाधाएं खड़ी करना प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नुकसान पहुंचा सकता है।
इस मुद्दे पर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग भी बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ संगठन स्थानीय रोजगार की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि किसी भी फैसले से पर्यटकों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। फिलहाल यह मुद्दा रोजगार, पर्यटन और स्थानीय अधिकारों को लेकर कश्मीर की राजनीति का नया केंद्र बन गया है।

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