नई दिल्ली। 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पिछले वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर उठे विवादों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
बैठक में शिक्षा मंत्रालय, National Testing Agency (NTA), गृह मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मंत्री ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, डिजिटल निगरानी और अभ्यर्थियों की पहचान संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की।
धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि परीक्षा केंद्रों पर बायोमैट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन हो।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, इसलिए परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी तरह की लापरवाही या चूक के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, परीक्षा से पहले संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी की जा रही है। राज्यों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की अवांछित गतिविधि को रोका जा सके।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष NEET परीक्षा को लेकर हुए विवादों के बाद केंद्र सरकार और NTA पर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का दबाव बढ़ा था। इसी के मद्देनजर इस बार सुरक्षा और निगरानी के कई अतिरिक्त उपाय लागू किए गए हैं।
21 जून को देशभर के हजारों परीक्षा केंद्रों पर लाखों अभ्यर्थी NEET-UG परीक्षा में शामिल होंगे। सरकार का दावा है कि इस बार परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।

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