बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी राजनीतिक ताकत और बढ़ा ली है। चुनाव में हुई कथित क्रॉस-वोटिंग ने Bharatiya Janata Party (भाजपा) और Janata Dal (Secular) (जेडीएस) को बड़ा झटका दिया है। इस जीत को उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar की रणनीतिक सफलता के रूप में भी देखा जा रहा है।
चुनाव परिणामों के बाद विधान परिषद में कांग्रेस की सदस्य संख्या बढ़कर 39 हो जाएगी। वहीं भाजपा की संख्या घटकर 28 और जेडीएस की संख्या 6 रह जाएगी। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्रॉस-वोटिंग के कारण कांग्रेस को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिला, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए।
विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत केवल संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की राजनीति में कांग्रेस की मजबूत पकड़ का संकेत भी देती है। दूसरी ओर भाजपा और जेडीएस के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय बन गया है। विपक्ष अब क्रॉस-वोटिंग के कारणों की समीक्षा में जुट सकता है। इस नतीजे से कांग्रेस सरकार को विधान परिषद में विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने में और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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