दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन धर्मांतरण और लाखों की वसूली के आरोप; सरेंडर के बाद पुलिस की पूछताछ तेज, कई अहम खुलासों की उम्मीद
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में वायुसेना अधिकारी की पत्नी से कथित दुष्कर्म, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहा तीसरा आरोपी मौलाना मकसूद महमूद मकसूद आखिरकार पुलिस के सामने पेश हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस अब पूरे मामले की तह तक पहुंचने और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुट गई है
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पुलिस सूत्रों के अनुसार यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पहले उससे संपर्क स्थापित किया और फिर उसे कथित रूप से अपने प्रभाव में लेकर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया। शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपियों ने विश्वास जीतने के बाद महिला को एक सुनियोजित साजिश के तहत अपने जाल में फंसाया। बाद में उसके आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें तैयार कर ब्लैकमेल किया गया तथा उन्हें सर्वजनिक करने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूले गए।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उस पर धर्म परिवर्तन के लिए लगातार दबाव बनाया गया। कथित तौर पर धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल कर उससे कुछ धार्मिक घोषणाएं भी कराई गईं। महिला का आरोप है कि यह सब उसकी इच्छा के विरुद्ध हुआ। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म, आपराधिक धमकी, वसूली, धोखाधड़ी, जबरन धर्मांतरण और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपियों में शामिल अय्याज ताज मदारे और उसका सहयोगी अमीन शेख पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं तीसरा आरोपी मौलाना मकसूद घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। बढ़ते दबाव और संभावित गिरफ्तारी की आशंका के बीच उसने सोनेगांव थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह मामला केवल एक महिला तक सीमित था या फिर इसी तरह के अन्य मामले भी सामने आ सकते हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक खातों, सोशल मीडिया संपर्कों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कथित तौर पर वसूली गई रकम कहां-कहां खर्च की गई और क्या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारी खुलकर ज्यादा जानकारी देने से बच रहे हैं, लेकिन जांच टीम का मानना है कि मौलाना से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। पुलिस अदालत से रिमांड मांगकर आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ भी कर सकती है ताकि कथित नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली को समझा जा सके।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पीड़िता एक वायुसेना अधिकारी की पत्नी बताई जा रही है। हालांकि सुरक्षा और गोपनीयता कारणों से पुलिस ने पीड़िता तथा उसके परिवार की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और अदालत में आरोप सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को कानूनन आरोपी ही माना जाएगा, दोषी नहीं।
मुख्य बिंदु
वायुसेना अधिकारी की पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला।
दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन धर्मांतरण और लाखों रुपये वसूली के आरोप।
दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार, तीसरे आरोपी मौलाना ने किया सरेंडर।
मोबाइल, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में जुटी पुलिस।
जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश में।
अदालत में आरोप सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानूनन आरोपी ही माने जाएंगे।

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