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अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है...', रोहित-कोहली से विवाद पर गंभीर ने दिया जवाब?'They are being pitted against their own people...', Did Gambhir respond to the controversy involving Rohit and Kohli?

 

भारत ने नागपुर में खेले गए पहले टी20 में न्यूजीलैंड को 48 रन से हरा दिया। हालांकि, टीम इंडिया की इस जीत से ज्यादा चर्चा कोच गौतम गंभीर के एक ट्वीट की हो रही है। उन्होंने शशि थरूर के ट्वीट का जवाब दिया और जो लिखा, उसे फैंस अब रोहित शर्मा और विराट कोहली से जोड़कर देख रहे हैं।


थरूर के जवाब में गंभीर ने किया ट्वीटशशि थरूर ने गंभीर से नागपुर में मुलाकात के बाद गंभीर की तारीफ में एक ट्वीट किया था। इस पर गंभीर का भी जवाब आया। उन्होंने लिखा, 'जब हलचल शांत होगी, तब इस बात की सच्चाई और लॉजिक सामने आएगा कि कोच की अनलिमिटेड अथॉरिटी वाली बात कितनी सही है। तब तक मैं इस बात पर थोड़ा हैरान हूं कि मुझे अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, जबकि वे सबसे बेहतरीन हैं!' गंभीर का यह बोलना, 'इस बात पर थोड़ा हैरान हूं कि मुझे अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, जबकि वे सबसे बेहतरीन हैं!' फैंस इसे कोहली-रोहित से उनके अनबन की अफवाहें उड़ाने वाले आलोचकों को जवाब मान रहे हैं। 

रोहित-कोहली से विवाद पर गंभीर का जवाब?गंभीर का यह बोलना, 'इस बात पर थोड़ा हैरान हूं कि मुझे अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, जबकि वे सबसे बेहतरीन हैं!' फैंस इसे कोहली-रोहित से उनके अनबन का जवाब मान रहे हैं। 

भारतीय क्रिकेट में हाल ही में जो भी गलत हुआ है, उसका ठीकरा ज्यादातर भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर पर फोड़ा जा रहा है।

फिर वह चाहे खिलाड़ियों का टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होना हो, या खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य करने का फैसला, हर बात का दोष गंभीर पर डाल दिया गया।

टेस्ट और वनडे में हालिया खराब नतीजों ने इस माहौल को और बढ़ा दिया है, लेकिन पूरी बहस एक ही बात पर टिक गई है कि गंभीर, विराट कोहली और रोहित शर्मा को टीम से बाहर करना चाहते हैं।

हालांकि इससे पहले गंभीर ने हमेशा रोहित और विराट को लेकर एक बात कही है, '2027 वर्ल्ड कप अभी दो साल दूर है। किसी की जगह पक्की नहीं है।'

उनका यह संदेश बाकी खिलाड़ियों पर भी लागू होता है, यानी कोई भी ऑटोमैटिक सिलेक्शन नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर ट्रोल्स और नफरत फैलाने वाले लोग इस बयान को अपने हिसाब से जोड़कर पूरी कहानी बना दी। उन्होंने ऐसा माहौल बना दिया कि गंभीर जैसे कोहली और रोहित को हटाने पर तुले हों, जबकि गंभीर ने ऐसा कभी सीधे नहीं कहा। 

गंभीर के बयान का ये भी मतलब हो सकता है कि कोहली और रोहित को हटाने के लिए उन पर चयन समिति या कहीं और से किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा हो, जबकि वो इसके पक्ष में न हो। और इस पोस्ट के जरिये वह लोगों को यह बताने की कोशिश कर रहे हों कि उनके पास पावर नहीं है और इसके बावजूद लोग उन्हें अपने लोगों के खिलाफ खड़े कर रहे हैं।

अब पहली बार गंभीर ने इस मुद्दे को अप्रत्यक्ष रूप से छुआ और बिना किसी का नाम लिए बहुत कुछ कह दिया। उन्होंने साफ संकेत दिया कि फैसले हमेशा अकेले कोच के नहीं होते, और खिलाड़ियों को बाहर करने का मुद्दा भी उतना आसान नहीं होता जितना लोग सोशल मीडिया पर बना देते हैं।

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