नई दिल्ली। देश के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को 9,439 करोड़ रुपये का डिविडेंड (लाभांश) देकर सरकारी खजाने को बड़ी मजबूती दी है। बेहतर मुनाफे के दम पर सरकारी बैंकों ने सरकार को यह बड़ी राशि सौंपी है।
इसमें केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और इंडियन बैंक शामिल हैं। सबसे अधिक 2,397 करोड़ रुपये का लाभांश केनरा बैंक ने दिया। बैंक के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ब्रजेश कुमार सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लाभांश का चेक सौंपा।
सरकार को मिलने वाला यह लाभांश सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की मजबूत वित्तीय स्थिति और बढ़ती लाभप्रदता का संकेत माना जा रहा है। हाल के वर्षों में एनपीए में कमी, ऋण वसूली में सुधार और कारोबार के विस्तार से सरकारी बैंकों के मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी बैंकों की बेहतर वित्तीय सेहत का लाभ सरकार को भी मिल रहा है। इससे राजकोषीय संसाधनों को मजबूती मिलेगी और विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

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