प्रणव बजाज
कैश, सोना, दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त; छात्र फीस और स्कॉलरशिप फंड के दुरुपयोग के आरोपों ने मचाई सनसनी
इंदौर/भोपाल। मध्य प्रदेश के चर्चित कथित ₹200 करोड़ शिक्षा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर, भोपाल समेत 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई श्री आस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसायटी और उससे जुड़े चौकसे ग्रुप के आवास, कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, ट्रस्टों और एक बैंक लॉकर तक पहुंची।
ईडी के अनुसार, तलाशी के दौरान करीब ₹3.97 कeरोड़ नकद, ₹3.45 करोड़ मूल्य के सोने के आभूषण, बड़ी संख्या में संपत्ति संबंधी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है।
क्या हैं आरोप?
जांच एजेंसियों के अनुसार, छात्रों की फीस, छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) की राशि और बैंकों से लिए गए ऋण को कथित रूप से संबंधित ट्रस्टों, कंपनियों और अन्य संस्थाओं में डायवर्ट किया गया। इसी आधार पर पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद ईडी ने धनशोधन (PMLA) के तहत जांच शुरू की।
हाईकोर्ट भी ले चुका है संज्ञान
इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहले ही एफआईआर रद्द करने की मांग खारिज कर चुका है और ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई लगभग ₹200 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितताओं की विस्तृत जांच जारी रखने की बात कही थी।
अब आगे क्या?
ईडी जब्त किए गए दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और बैंक रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच करेगी। जांच में यदि धनशोधन के आरोप पुष्ट होते हैं तो आगे संपत्ति कुर्की, गिरफ्तारी और आरोपपत्र जैसी कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल एजेंसी की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अभी आना बाकी है।
विशेष: यह मामला जांच के अधीन है। ईडी ने आरोप लगाए हैं, लेकिन संबंधित पक्षों का दोष न्यायालय द्वारा सिद्ध होना अभी शेष है।

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