Top News

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक तथाकथित “ढोंगी बाबा” लोगों की आस्था से खिलवाड़ कर रहा था।A shocking case has come to light from the Mauganj district of Madhya Pradesh, where a so-called "fake godman" was playing with people's faith.

 बताया जा रहा है कि यह बाबा “दिव्य दरबार” लगाता था, जिसमें लोगों से 500 रुपए फीस ली जाती थी। दावा किया जाता था कि यहां हर बीमारी—यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी—का इलाज संभव है।



मध्य प्रदेश के मऊगंज में “नकली बागेश्वर” बनकर अंधविश्वास फैलाने वाले एक कथित बाबा का भंडाफोड़ हुआ है। यह पूरा मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि आरोपी कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि एक रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर का बेटा बताया जा रहा है, जो बागेश्वर धाम की तर्ज पर “दिव्य दरबार” लगाकर लोगों को गुमराह कर रहा था।

जानकारी के मुताबिक यह बाबा लोगों से 500 रुपए लेकर दरबार में प्रवेश देता था और दावा करता था कि झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज संभव है। लोगों की समस्याएं पहले से तय तरीके से “बताई” जाती थीं, जिससे आम लोगों को चमत्कार का भ्रम हो जाता था। इस पूरे खेल के पीछे एक संगठित टीम काम कर रही थी, जो भीड़ में शामिल होकर माहौल बनाती थी और बाबा के दावों को सच साबित करने की कोशिश करती थी।

मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई की और इस फर्जी दरबार का पर्दाफाश किया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि अंधविश्वास फैलाकर लोगों से पैसे वसूले जा रहे थे और गंभीर बीमारियों के नाम पर ठगी की जा रही थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इसमें जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।

इस तरह के मामलों को लेकर प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि किसी भी बीमारी का इलाज केवल वैज्ञानिक और चिकित्सा पद्धति से ही संभव है। अंधविश्वास के नाम पर लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post