रायपुर। प्रदेश में धान खरीदी के दौरान कवर्धा, महासमुंद और अन्य जिलों की समितियों में चूहों द्वारा करोड़ों रुपये का धान खाने का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। वहीं भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने चूहों के इलाज के लिए सरकार द्वारा बिल्ली की व्यवस्था करने की बात कही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे को लेकर इंटरनेट मीडिया एक्स पर लिखा, “चूहे की गारंटी, चूहे का सुशासन।” उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश चूहों के कारण राष्ट्रीय पटल पर छाया हुआ है। ये चूहे बेहद भूखे हैं और पूरे प्रदेश को कुतर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये चूहे कहां से आए हैं, नागपुर से या गुजरात से। उन्होंने लिखा कि प्रदेश धान का कटोरा है, यहां के चूहे इतने भूखे नहीं हैं।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि कवर्धा, महासमुंद, जशपुर सहित अन्य जिलों में अब तक 30 करोड़ रुपये का धान चूहे खा गए हैं। उन्होंने पूछा कि इन चूहों को संरक्षण कौन दे रहा है। क्या ये वही चूहे हैं जो जल, जंगल और जमीन को खा रहे हैं, हसदेव और तमनार को उजाड़ रहे हैं और अब बस्तर पर नजर लगाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में मूषक राज चल रहा है और यदि समय रहते इन्हें पिंजरों में बंद नहीं किया गया तो ये पूरे प्रदेश को खोखला कर देंगे।
खरीदी की समयसीमा एक माह बढ़ाने की मांग
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम और सम्मान देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि किसान फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कोरबा और बागबाहरा में किसानों का आत्महत्या के लिए मजबूर होना प्रदेश में सुशासन के दम तोड़ने का प्रमाण है।

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