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रीवा में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर 56 लाख की ठगी, शातिर जालसाज हरदा से गिरफ्तार₹56 Lakhs Swindled in Rewa Under the Guise of Kidney Transplant; Cunning Fraudster Arrested in Harda

 

रीवा: सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने एक शातिर जालसाज को पकड़ने मे सफलता हासिल की है. पकड़े गए शातिर ने 5 माह पूर्व किडनी ट्रांसप्लांट कराने का हवाला देकर रीवा में ज्वेलरी कारखाना संचालित करने वाले व्यापारी से 56 लाख रूपए की ठगी की थी. बताया गया कि फरियादी की पत्नी को किडनी की समस्या थी, जिसके चलते डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी थी.


व्यापारी और उसके परिजन डोनर की तलाश में ही जुटे थे कि इसी बीच उनका संपर्क हरदा निवासी प्रियांशु ऊर्फ अयूष पवार से हुआ. उसने किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए डोनर का इंतजाम करने की बात कही. परिजन उसकी बातों में आ गए और उसके बाद शातिर ने उनसे 56 लाख रूपए ठग लिए.

किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर लाखों की ठगी

सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत तरहटी मोहल्ले के निवासी दिलीप सोनी के द्वारा सिटी कोतवाली थाना में 20 मार्च 2026 को खुद के साथ हुई लाखों रूपए के ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत दर्ज करवाते हुए फरियादी दिलीप सोनी ने बताया था कि "अगस्त 2025 में उसकी पत्नी की तबीयत अचानक से खराब हुई थी, जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें अस्पताल मे भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों की जांच में दोनों किडनी खराब होना पाया गया था. जिसके बाद डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी थी.

भोपाल के निजी अस्पताल के जाली डाक्यूमेंट्स तैयार कर ऐंठे 56 लाख

थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह राजपूत ने बताया कि "शातिर जालसाज प्रियांशु ऊर्फ अयूष पवार ने डोनर और किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर बीते 5 माह के दरमियान फरियादी अशोक सोनी से 56 लाख की बड़ी राशि ऐंठ ली. जालसाज के द्वारा इतनी बड़ी राशि कुछ किस्तों में वसूली गई.

भरोसा दिलाने के लिए शातिर प्रियांशु पवार भोपाल के एक निजी अस्पताल के जाली डाक्यूमेंट्स तैयार करता था और व्हाट्स एप के माध्यम से फरियादी को भेजता था. प्रियांशु के कहने पर अशोक सोनी ने अलग-अलग समय पर उसके और अन्य बताए गए विभिन्न खातों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की थी. 56 लाख रूपए की राशि ऐंठने के बाद भी वो लगातार पैसों की डिमांड कर रहा था. फरियादी द्वारा खुद को ठगा महसूस किए जाने पर पुलिस से शिकायत की.

एआई से जनरेट करता था फर्जी डाक्यूमेंट्स'

थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह राजपूत ने बताया कि "फरियादी ने खुद के साथ हुई 56 लाख रूपए के ठगी की शिकायत की थी. पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी को हरदा से गिरफ्तार किया है. उसे न्यायालय में पेश करके रिमांड पर लिया गया था. पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी एआई टूल्स का इस्तेमाल करके भोपाल के एक निजी अस्पताल का जाली सर्टिफिकेट तैयार करता था. आरोपी से पूछताछ और जांच लगातार जारी है."

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