Top News

दिल्ली में कचरे से बनेगी बिजली, 4 नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और 1000 शौचालयों के नवीनीकरण का ऐलानElectricity to be Generated from Waste in Delhi: 4 New Waste-to-Energy Plants and Renovation of 1,000 Toilets Announced

 

दिल्ली सचिवालय में एमसीडी के विभिन्न कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान राजधानी में अपशिष्ट प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को आधुनिक व प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की सफाई व्यवस्था को तकनीक और बेहतर निगरानी के जरिए मजबूत किया जाए, ताकि नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। इस दौरान रेखा गुप्ता ने एमसीडी के अधीन संचालित करीब एक हजार सार्वजनिक शौचालयों और यूरिनल ब्लॉकों को नए और आधुनिक स्वरूप में विकसित करने के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।


दिल्ली में स्वच्छ वातावरण की कवायद

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि केवल सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संचालन और रखरखाव भी उच्च स्तर का होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक शौचालयों और यूरिनल ब्लॉकों के लिए ऐसी ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे वहां किसी प्रकार की दुर्गंध न रहे, नियमित और समयबद्ध सफाई सुनिश्चित हो, नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता सिर्फ ढांचागत विकास तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसकी निरंतर निगरानी और गुणवत्ता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

इन जगहों पर लगेंगे वेस्ट टू एनर्जी प्लांट

मुख्यमंत्री ने MCD को राजधानी में कचरा प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए बड़े निर्देश दिए हैं। इसके तहत गाजीपुर, नरेला, ओखला और तेखंड में अत्याधुनिक तकनीक से लैस अपशिष्ट से ऊर्जा (वेस्ट-टू-एनर्जी) प्लांट स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्लांट्स के जरिए न सिर्फ कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा, बल्कि उससे बिजली उत्पादन भी होगा। इससे दिल्ली में कचरे के बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और साथ ही ऊर्जा के नए स्रोत भी विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से राजधानी को स्वच्छ, टिकाऊ और ऊर्जा-सक्षम शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।

इन जगहों पर लगेंगे गोबर गैस प्लांट

राजधानी में जैविक कचरे के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए गोबर गैस संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस दिशा में गोयला डेरी, घोघा और गाजीपुर में तीन नए प्लांट जल्द शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से गीले और जैविक कचरे का प्रभावी निस्तारण होगा, साथ ही स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसके साथ ही, MCD की समीक्षा बैठक में निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे के प्रबंधन और उसके रीसाइक्लिंग सिस्टम पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाए, ताकि कचरे से अधिकतम संसाधन निकाले जा सकें और पर्यावरण पर प्रभाव कम हो। बैठक में निगम के जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार का लक्ष्य है कि इन पहलों के जरिए दिल्ली में कचरा प्रबंधन को और अधिक वैज्ञानिक, टिकाऊ और प्रभावी बनाया जा सके।

स्वच्छता नियमों पर निगरानी तंत्र करें मजबूत

मुख्यमंत्री ने राजधानी में स्वच्छता नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गंदगी फैलाने वालों पर लगाए गए बढ़े हुए जुर्मानों की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए MCD के अधिकारियों को निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे तंत्र विकसित किए जाएं, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान तुरंत हो सके और उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके।

Post a Comment

Previous Post Next Post