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‘यौन दुर्व्यवहार इतना घिनौना था’, कस्टडी में मौत के मामले में 7 पुलिसवालों पर हत्या का आरोप, बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला‘The sexual abuse was so heinous’: 7 Police Officers Charged with Murder in Custodial Death Case — Bombay High Court Verdict

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (7 अप्रैल) को मुंबई पुलिस के सात अधिकारियों को बड़ा झटका दिया है। जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि 2014 के एग्नेलो वाल्डारिस मौत मामले में इन अधिकारियों के खिलाफ हत्या (IPC 302) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने (IPC 295-A) जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए जाएंगे। इसके साथ ही अदालत ने स्पेशल POCSO कोर्ट के पुराने आदेश को सही ठहराते हुए पुलिस अधिकारियों की पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया।


आपको बता दें कि अप्रैल 2014 में वडाला पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने एग्नेलो वाल्डारिस और तीन अन्य (एक नाबालिग सहित) को चोरी के शक में हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान उनके साथ भीषण मारपीट की गई। गवाहों के अनुसार, उन्हें न केवल शारीरिक यातनाएं दी गईं, बल्कि उनके साथ घिनौना यौन दुर्व्यवहार भी किया गया। पुलिस कस्टडी में रहते हुए ही 18 अप्रैल को एग्नेलो की मौत हो गई। पुलिस का दावा था कि वह भागने की कोशिश में ट्रेन से टकरा गया, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे।

'कल्पना से परे था अपमान'

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने मामले के रिकॉर्ड और गवाहों (एग्नेलो के साथ हिरासत में लिए गए अन्य लड़के) की गवाही पर गौर करते हुए कहा कि पुलिस स्टेशन के भीतर हुआ अपमान इतना घिनौना था कि उसे शब्दों में बयान करना भी मुश्किल है। अदालत ने कहा कि पुलिस की छवि को ध्यान में रखते हुए वे उन अपमानजनक कृत्य का विस्तार से जिक्र करना उचित नहीं समझते।

डॉक्टर से शिकायत बनी मौत की वजह?

अदालत ने पाया कि मेडिकल चेक-अप के दौरान एग्नेलो ने डॉक्टर को पुलिसिया टॉर्चर के बारे में बताया था। बेंच के अनुसार, 'आरोपी पुलिस अधिकारियों के मन में डर था कि इस शिकायत की वजह से उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। वे किसी भी तरह एग्नेलो को काबू में करना चाहते थे ताकि शिकायत वापस कराई जा सके।' पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि एग्नेलो के शरीर पर कई चोटें 12 से 96 घंटे पुरानी थीं, जो कस्टडी के दौरान दिए गए टॉर्चर की पुष्टि करती हैं।

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