उज्जैन शैलेंद्र सिंह कुशवाहा
झारखंड के बोकारो से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक ही थाने के 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। मामला पुष्पा महतो हत्याकांड से जुड़ा है, जिसकी जांच में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
बताया जा रहा है कि इस केस में शुरुआती स्तर पर पुलिस ने ढिलाई बरती और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। मामला जब तूल पकड़ने लगा तो झारखंड हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया और फाइल दोबारा खोलने के निर्देश दिए।
जांच दोबारा शुरू होने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। आरोप है कि थाना स्तर पर ही केस को कमजोर करने की कोशिश की गई और आरोपियों को फायदा पहुंचाया गया।
सबसे गंभीर आरोप थाना प्रभारी पर लगे हैं। कहा जा रहा है कि उनकी आरोपियों से सांठगांठ थी और वे थाने में ही उनके साथ बैठकर पार्टी करते थे। इन आरोपों ने पूरे पुलिस सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले के उजागर होने के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे थाने के 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है और विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
झारखंड हाई कोर्ट ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अब यह मामला सिर्फ एक हत्या की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस व्यवस्था और जवाबदेही पर बड़ा सवाल बन गया है। सभी की नजर अब जांच के नतीजों और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

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