पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल तेज हो चुका है और दार्जिलिंग में आयोजित जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर तीखा बयान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव की मांग अब तेज हो रही है और जनता परिवर्तन की दिशा में सोच रही है। अमित शाह ने गोरखा समुदाय से जुड़े मुद्दों पर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो गोरखा बहनों और भाइयों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
अमित शाह ने अपने संबोधन में दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद छह महीनों के भीतर गोरखा समुदाय से जुड़ी पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे लोगों के जीवन में संतोष और स्थिरता आ सके।
दीदी को हटाने का समय आ गया- अमित शाह
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दोनों पर गोरखा समुदाय और दार्जिलिंग क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप रहा है। शाह के अनुसार, इन समस्याओं का समाधान भाजपा अपनी सरकार बनने के बाद तय समयसीमा में करने का प्रयास करेगी।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने उत्तर बंगाल के लोगों से अपील की कि एक बार फिर भाजपा को अवसर दिया जाए, ताकि विकास और समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा 'उत्तर बंगाल वालों, एक बार भाजपा सरकार बना दीजिए। तीन चुनावों से दार्जिलिंग तो कमल फूल पर वोट कर ही रहा है, लेकिन इस बार पूरा बंगाल तय कर बैठा है कि दीदी को हटाने का समय आ गया है।'
बजट आवंटन को लेकर भेदभाव- शाह
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बजट आवंटन को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। अमित शाह ने कहा कि तृणमूल सरकार ने उत्तर बंगाल, आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए करीब 2000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जबकि मदरसों और अल्पसंख्यक क्षेत्रों के लिए 5800 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि उत्तर बंगाल और गोरखा समुदाय के साथ न्याय की शुरुआत अब से होगी।

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