रायपुर। चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में 23 साल बाद बड़ा फैसला आया है। अमित जोगी को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हत्या की साजिश का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सीबीआई जांच के मुताबिक 21 मई 2003 को रायपुर के होटल ग्रीन पार्क में साजिश रची गई थी। इसके बाद 4 जून 2003 को एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
2007 में निचली अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन मृतक पक्ष और सीबीआई की अपील पर हाईकोर्ट ने फैसला पलट दिया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को पर्याप्त माना।
होटल ग्रीन पार्क से शुरू हुई साजिश
सीबीआई जांच के अनुसार इस हत्याकांड की जड़ें 21 मई 2003 को रायपुर के होटल ग्रीन पार्क में हुई एक गुप्त बैठक से जुड़ी हैं।
तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के राजनीतिक वर्चस्व को चुनौती देने के लिए 10 जून को प्रस्तावित एनसीपी रैली को रोकने की योजना बनाई गई थी।
आरोप है कि इसी बैठक में अमित जोगी ने एनसीपी नेता को रास्ते से हटाने की बात कही, जिसके बाद शूटर को सुपारी देकर हत्या की पूरी साजिश तैयार की गई।
इस हत्याकांड ने 2003 में जोगी सरकार की सत्ता से विदाई में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके बाद डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा सत्ता में आई।
अब इस मामले में अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 20 अप्रैल को होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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