अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे कि उनकी ईरान के किसी नेता के साथ डील पर बातचीत चल रही है. इसके बाद से ईरान में अजीब हलचल है. ईरानी नेता एक के बाद एक बयान दे रहे हैं और ट्रंप के दावे को खारिज कर रहे हैं. सब सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के साथ खड़े होने की बातें कर रहे हैं. ईरान को जानने वाले ज्यादातर मानते हैं कि जब तक मोजतबा खामेनेई या इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नहीं चाहेंगे, कोई डील नहीं हो सकती. क्योंकि सरकार उतना ही करेगी, जितना सुप्रीम लीडर कहेंगे. तो फिर बात कौन कर रहा है? क्या डोनाल्ड ट्रंप ने IRGC ने फूट डाल दी? कौन है वो शख्स जो आ गया ट्रंप के जाल में?
ट्रंप जिस तथाकथित सम्मानित नेता की बात कर रहे हैं, उसके बारे में डिटेल नहीं दे रहे हैं. ईरान की ओर से अब तक किसी भी नेता ने बातचीत की बात स्वीकार नहीं की है. जिस एक शख्स का नाम इस पूरी ‘सीक्रेट डील’ के केंद्र में सबसे तेजी से उभरकर सामने आ रहा है, वह हैं ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद-बाकर गालिबाफ.
गालिबाफ ही वह अहम व्यक्ति हो सकते हैं जो पर्दे के पीछे से अमेरिका के साथ शांति वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं. गालिबाफ कोई आम राजनेता नहीं हैं. उनका इतिहास सीधे तौर पर IRGC से जुड़ा हुआ है. वह IRGC की एयरोस्पेस फोर्स के पूर्व कमांडर रह चुके हैं. ईरान के पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और तेहरान के मेयर भी रहे हैं. सैन्य और राजनीतिक, दोनों ही मोर्चों पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें ट्रंप के हिसाब से बिल्कुल फिट बैठाती है.
गालिबाफ के बयान दे रहे संकेत
जैसे ही गालिबाफ का नाम अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उछला, ईरान के भीतर मची खलबली साफ नजर आने लगी. खुद को ट्रंप के इस जाल में फंसता देख मोहम्मद-बाकर गालिबाफ को तुरंत सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘फेक न्यूज’ करार दिया. गालिबाफ ने दावा किया कि अमेरिका ऐसी झूठी खबरें इसलिए फैला रहा है ताकि ऑयल मार्केट में हेरफेर किया जा सके. होर्मुज बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार हैं और गालिबाफ का कहना है कि ट्रंप केवल बाजार को शांत करने के लिए यह झूठा नैरेटिव गढ़ रहे हैं.
मित्र देशों का जिक्र इन्होंने ही किया
ट्रंप के ऐलान के कुछ देर बाद गालिबाफ ने कहा था कि कुछ मित्र देशों ने जरूर अमेरिका की ओर से बातचीत का अनुरोध भेजा था, लेकिन तेहरान ने इसका कोई जवाब नहीं दिया है. उन्होंने यह भी साफ किया कि युद्ध की समाप्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का रुख अब भी बिल्कुल नहीं बदला है. हालांकि, रॉयटर्स ने ईरान के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका ने शनिवार को ईरानी संसद के अध्यक्ष गालिबाफ से मुलाकात का अनुरोध किया था, लेकिन तेहरान ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है.

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