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क्या है जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार का सच? 48 साल बाद खुलेगा रहस्यमयी खजाना, पहली बार एंट्री करेगी RBI की टीमWhat is the truth behind the Jagannath Temple's Ratna Bhandar? The mysterious treasury is set to open after 48 years, with an RBI team entering for the very first time.

 

पुरी. ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने सोमवार को कहा कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सूची तैयार करने के लिए वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और 3डी मैपिंग सहित विस्तृत व्यवस्थाएं की गई हैं. जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सूची तैयार करने का कार्य 48 वर्षों के अंतराल के बाद 25 मार्च से शुरू होने वाला है. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल मंदिर के आभूषणों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की पारदर्शिता तथा उचित दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है..


हरिचंदन ने बताया कि पहली बार, विशेषज्ञ सुनारों के साथ-साथ रत्नविज्ञानी और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारी भी इस कार्य में शामिल होंगे. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वस्तुओं का कोई मूल्यांकन नहीं किया जाएगा और यह प्रक्रिया केवल दस्तावेजीकरण तथा सत्यापन तक ही सीमित रहेगी.

ओडिशा में 12वीं शताब्दी के मंदिर में होने वाली इस प्रक्रिया की तैयारियों की समीक्षा करने के बाद, मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत चर्चा की गई कि रत्न भंडार की यह प्रक्रिया व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संचालित की जाए.

उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इस प्रक्रिया के दौरान मंदिर के दैनिक अनुष्ठानों में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए और अधिकारियों को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया.

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