भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष के अंतिम दौर में एक बार फिर बाजार से बड़ा कर्ज लेने जा रही है। सरकार मंगलवार को करीब 5,800 करोड़ रुपये का नया कर्ज उठाएगी। इस नए ऋण के साथ ही प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर लगभग 5 लाख 66 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, यह कर्ज राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं और चल रहे परियोजनाओं के लिए लिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष के अंत में सरकार अक्सर अपने राजकोषीय प्रबंधन और खर्चों को संतुलित करने के लिए बाजार से उधारी लेती है।
राज्य की बढ़ती देनदारी को लेकर आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता कर्ज भविष्य में सरकार के बजट पर दबाव बढ़ा सकता है। हालांकि सरकार का तर्क है कि विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए ऋण लेना आवश्यक होता है।
वर्तमान में प्रदेश की कुल देनदारी करीब 5.66 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जो पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले लिया जा रहा यह नया कर्ज राज्य की कुल देनदारी में और इजाफा करेगा।
सरकार का कहना है कि उधारी वित्तीय नियमों और तय सीमा के भीतर ली जा रही है तथा इससे विकास कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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