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मॉरीशस के पीएम ने प्रधानमंत्री मोदी से की बात, AI शिखर सम्मेलन पर सहयोग पर चर्चा कीMauritius PM speaks with PM Modi, discusses cooperation on AI summit

 

मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सकारात्मक बातचीत की तारीफ की और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले हफ्ते भारत में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट में भारत-मॉरीशस सहयोग और गहरा होगा.


रामगुलाम ने कई क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने में भारत के लिए मॉरिशस के सहयोग की बात कही. सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, 'इस अच्छे लेन-देन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद.

मॉरिशस और भारत डेवलपमेंट, इनोवेशन और नई टेक्नोलॉजी में स्ट्रेटेजिक सहयोग को मजबूत करने के लिए मजबूती से जुड़े हुए हैं. मैं अगले हफ़्ते भारत में एआई इम्पैक्ट समिट में इस सहयोग को और गहरा करने की उम्मीद करता हूँ.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार को मॉरीशस के प्रधानमंत्री का फोन आया, जिसमें दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर सहयोग में हुई प्रगति पर चर्चा की.

एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने अगले हफ्ते होने वाले एआई -इम्पैक्ट समिट के लिए मॉरीशस के प्रधानमंत्री का भारत में स्वागत किया. दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच खास, ऐतिहासिक और लोगों पर केंद्रित संबंधों को और मजबूत करने का अपना वादा भी दोहराया.

मेरे दोस्त, प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम का फोन कॉल से खुशी हुई.' हमने पिछले साल वाराणसी में हुई हमारी यादगार मीटिंग के बाद से भारत और मॉरीशस के बीच बड़े पैमाने पर सहयोग में हुई प्रगति का रिव्यू किया. प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, 'हमने अपने दोनों देशों को जोड़ने वाले खास, ऐतिहासिक और लोगों पर केंद्रित रिश्तों को और मजबूत करने का अपना वादा दोहराया.

भारत और मॉरिशस हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साझा लक्ष्यों को पाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. मैं अगले हफ्ते एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत में उनका स्वागत करने का इंतजार कर रहा हूँ.' पिछले साल सितंबर में, भारत ने मॉरिशस को 680 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का एक बड़ा स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज दिया था और मॉरिशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम की भारत यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सात समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर साइन किए थे.

इसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बड़ी बातचीत की. इसके आखिर में विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समुद्र विज्ञान, लोक प्रशासन, ऊर्जा, छोटे विकास प्रोजेक्ट, जल विज्ञान और स्पेस में सहयोग शामिल है.

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