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राम नहीं BJP के लिए ओवैसी ही अकेले भगवान… तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी क्यों बोले ऐसा?Not Ram, Owaisi is the only God for BJP… Why did Telangana CM Revanth Reddy say this?

 

तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी बीजेपी को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का एक ही भगवान है और वह हैं असदुद्दीन ओवैसी. रेड्डी ने कहा, “यह भारतीय जनता पार्टी का इतिहास है. अगर आप इसे एनालाइज़ करें, तो उनके लिए सिर्फ़ एक ही भगवान है, असदुद्दीन ओवैसी. वे यूं ही भगवान राम का नाम लेते हैं. लेकिन वे हर दिन असदुद्दीन ओवैसी को सर झुकाते हैं.”


उन्होंने आगे कहा कि आप जानते हैं लोग ‘लाइफ़ लाइन’ के बारे में कैसे बात करते हैं? उनकी लाइफ़ लाइन खुद असदुद्दीन ओवैसी हैं. देखिए वे कितनी बार ओवैसी का नाम लिए बिना राम का नाम लेते हैं और कितनी बार ओवैसी का नाम लेते हैं, इसकी जांच होनी चाहिए. हर बार वे असदुद्दीन ओवैसी को ‘अलादीन का जादुई चिराग’ बनाकर वोट मांगते हैं.

अगर ओवैसी विलेन तो कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रही सरकार?- रेड्डी

उन्होंने मीडिया से सवाल करते हुए पूछा, “आखिर सारी सरकारें आपकी ही हैं, है ना? अगर असदुद्दीन ओवैसी इतने विलेन हैं, तो आप उन्हें कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रहे हैं? डेमोक्रेसी में AIMIM भी एक पॉलिटिकल पार्टी है जो चुनाव लड़ती है. वे जहां जीतते हैं, जीतते हैं, जहां हारते हैं, हारते हैं. उन्होंने गुजरात में, उत्तर प्रदेश में, बिहार में, और यहां तक ​​कि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव लड़ा, जहां उन्होंने पांच सीटें जीतीं. वे भी एक पॉलिटिकल ऑर्गनाइज़ेशन हैं, एक पॉलिटिकल पार्टी हैं. लेकिन आप कब तक उन्हें भूत बताकर वोट मांगते रहेंगे?”

रेड्डी ने कहा कि सिर्फ धार्मिक नफरत भड़काना कुछ पॉलिटिकल पार्टियों के नेताओं को शैतान बताना और उसके ज़रिए पॉलिटिकल तौर पर ज़िंदा रहने की कोशिश करना, सोच की गरीबी की हद है. इस सोच की गरीबी को देखते हुए तेलंगाना के लोगों को BJP को वोट देना चाहिए या नहीं आपको इस बारे में सोचना चाहिए.

रेवंत रेड्डी और ओवैसी आ रहे करीब

2023 विधानसभा चुनाव के समय रेवंत रेड्डी और ओवैसी एक दूसरे पर जमकर हमले करते थे.कांग्रेस की सरकार बनने के बाद रेवंत रेड्डी ने AIMIM के साथ विकास के मुद्दों पर सहयोग की बात शुरू की. उन्होंने कई बार ओवैसी की तारीफ की है. यूं तो रेवंत रेड्डी और असदुद्दीन ओवैसी के बीच सीधा कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है, लेकिन दोनों के बीच व्यावहारिक सहयोग और अच्छे संबंध दिखाई देते हैं, खासकर हैदराबाद और तेलंगाना की राजनीति में.

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